ब्रेकिंग
सुल्तानपुर: सरस्वती शिशु विद्या मंदिर कमैचा चांदा में आयोजित हुई छात्र संसद  लोक भारती प्रतापगढ़ के आह्वान पर विभिन्न संगठनों नें किया देववृक्ष हरिशंकरी रोपण। सार्वजनिक विकास तथा जन जन की आवश्यकता पर सदैव खरे उतरे हैं प्रमोद तिवारी- तनुज पुनिया 65वें श्री माधव मंदिर वार्षिकोत्सव एवं श्री जगन्नाथ रथ महोत्सव के दूसरे दिन सामूहिक सुंदरकाण्ड पाठ स... पीएम आवास योजना 4.0 के तहत उत्तर प्रदेश को मिले 6,18,482 नए पक्के मकान-- केशव मौर्य।। 19 जुलाई से बकुलाही के अवशेष कार्यों को पूर्ण कराने हेतु रचनात्मक संघर्ष शुरू होगा। जनपद न्यायाधीश ने किया वृक्षारोपण,जिला जज ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश यूपी भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष डा. रोहित मिश्रा ने रविवार को पदभार संभाला। बदलते परिदृश्य में कैसे रहें सुरक्षित? प्रधानाचार्य परिषद ने किया जिला विद्यालय निरीक्षक से मुलाकात।
उत्तराखंडराज्य

हाथी ने बाघ को कुचलकर उतारा मौत के घाट

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में बाघ के शव को देखते ही गश्ती टीम ने उच्च अधिकारियों को सूचना दीं

रामनगर,31 मार्च। हाथी ने बाघ को कुचलकर मौत के घाट उतारा दिया।कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में बाघ के शव को देखते ही गश्ती टीम ने उच्च अधिकारियों को सूचना दीं।सूचना मिलने पर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक, पार्क वार्डन और पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचे इन अधिकारियों ने क्षेत्र का निरीक्षण कर पूरे मामले की जांच की।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि टस्कर हाथी और बाघ के बीच आपसी संघर्ष हुआ था, जिसमें हाथी ने बाघ को कुचलकर मार दिया,अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मृत बाघिन है जिसकी उम्र लगभग चार वर्ष है।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक राहुल मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि सूचना मिली कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला रेंज में एक बाघ का शव पड़ा हुआ है।सूचना मिलते ही कॉर्बेट पार्क की टीम और पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची.मौके पर जांच में प्रथम दृष्टया यह प्रतीत हुआ कि यह एक हाथी और बाघ के बीच हुए संघर्ष का परिणाम था।राहुल मिश्रा ने बताया कि कुछ दिन पहले भी इस क्षेत्र में लगातार टस्कर हाथी को देखा जा रहा था।यह टस्कर इस क्षेत्र में घूम रहा था, जिससे संघर्ष की संभावना बनी।टस्कर हाथी के व्यवहार पर पहले भी नजर रखी जा रही थी, क्योंकि यह वन्य क्षेत्र में काफी सक्रिय था। NTCA (National Tiger Conservation Authority) की गाइडलाइन के अनुसार बाघ के शव का पोस्टमार्टम किया गया,बाघ के सैंपल आगे की जांच के लिए भेजे गए हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

वन अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं दुर्लभ होती हैं, लेकिन जंगल में प्राकृतिक संघर्ष आम बात है। इस मामले में विस्तृत जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या यह वास्तव में आपसी संघर्ष था या इसके पीछे कोई और कारण था.

यह भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button